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visheshan ke kitne bhed hote hain उदाहरण सहित

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विशेषण किसे कहते है – Visheshan Kise Kahte Hai ?

विशेषण किसे कहते है - Visheshan Kise Kahte Hai ?

संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं। ये शब्द संज्ञा के साथ लगकर संज्ञा की विशेषता बताते हैं।

उदाहरण:
नीलम बहुत ही सुंदर लड़की है।
मोहन एक मेहनती विद्यार्थी है।

इसमें सुंदर और मेहनती दोनों विशेषण हैं जो की संज्ञा की विशेषता बता रहे हैं ।

विशेषण कितने प्रकार के होते हैं उदाहरण सहित –
visheshan kitne Prakar hote hain?

विशेषण दो प्रकार के होते हैं :

  • विशेष्य विशेषण
  • विधेय विशेषण

विशेष्य विशेषण: जहाँ विशेष विशेष्य से आता है।

→ राम चंचल बालक है।
यहां, चंचल→ विशेषा है।
बालक→ विशेष्य है।

विधेय विशेषण: जो विशेषण, विशेव्य क्रिया के बीच में आए

→ मेरा कुत्ता काला है

यहां, काला → विशेषा है।
कुत्ता→ विशेष्य है।
है→ क्रिया

visheshan ke kitne bhed hote hain विशेष के कितने भेद होते हैं

विशेषण के भेद (visheshan ke kitne bhed): विशेषण के आठ भेद होते हैं।

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. संख्यावाचक विशेषण
  3. परिमाणवाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण
  5. व्यक्तिवाचक विशेषण
  6. संबंधवाचक विशेषण
  7. तुलना बोधक विशेषण
  8. प्रश्नवाचकविशेषण
  1. गुणवाचक विशेषणः जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम के रंग, रूप, गुण, दोष, आकार-प्रकार या उसके गंध आदि का बोध कराते है, उसे गुणवाचक विशेषण कहा जाता है।

जैसे: रिया एक सुंदर लड़की है।
रामदेव एक बेइमान इंसान है।

जहां सुंदर और बेईमान गुण हैं इसलिए यह गुणवाचक विशेषण है

  1. संख्यावाचक विशेषण: ऐसे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की “संख्या” के बारे में बोध कराते हैं, वो संख्या वाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे: मीना ने आज चार केले खाए।
दुनिया में सात अजूबे हैं।

यहां चार और सात संख्यावाचक हैं।

सार्वनामिक विशेषण के दो भेद हैं

  • मूल सार्वनामिक विशेषण
  • यौगिक सार्वनामिक विशेषण

मूल सार्वनामिक विशेषण :- मूल सार्वनामिक विशेषण वे हैं जिनमें वचन एवं कारक के कारण किसी प्रकार का परिवर्तन उपस्थित नहीं होता। जैसे- यह, वह, कौन, जो, सो, कोई कुछ, क्या आदि ।

यौगिक सार्वनामिक विशेषण :-ये मूल सर्वनाम में प्रत्यय लगाकर बनाये जाते हैं तथा इनका रूप कारक एवं वचन के अनुसार बदलता रहता है। जैसे- कैसा, कैसी, ऐसा,

  1. परिमाणवाचक विशेषण: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की “मात्रा” के बारे में बोध कराते हैं, वो परिमाण वाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे: बाजार से एक किलो टमाटर लेकर आना।
जाओ एक मीटर कपड़ा लेकर आओ।

यहां 1 किलो और 1 मीटर मात्रा बता रहा है इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण है।

परिमाणवाचक विशेषण के दो भेद हैं :-

  1. निश्चित परिमाणवाचक
  2. अनिश्चित परिमाणवाचक

निश्चित परिमाणवाचक :- जिससे परिमाण की निश्चित स्थिति का पता चलता है, उसे निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे- दो किलो दूध, चार राज कपड़ा।
निश्चित परिमाणवाचक :- जिससे निश्चित परिमाण का बोध नहीं होता है, उसे अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे- कुछ अनाज, सब तेल।

  1. सर्वनामिकवाचक विशेषण: जो सर्वनाम शब्द संज्ञा के पहले आकर संज्ञा की विशेषता बताए उसे सर्वनामिक विशेषण कहा जाता है।
    जैसे: यह लड़का कक्षा में अव्वल आया।
    वह आदमी अच्छे से काम करना जानता है।

यहां अव्वल आया और अच्छे से काम और सर्वनामिकवाचक विशेषण हैं।

  1. व्यक्तिवाचक विशेषण: जो शब्द असल में व्यक्तिवाचक संज्ञा से बने होते हैं और विशेषण शब्दों का निर्मण करते है, वो व्यक्तिवाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे: मुझे भारतीय खाना पसंद है।
बनारस की बनारसी साड़ियाँ बहुत अच्छी होती हैं।

यहां पर भारती और बनारसी दोनों जो है व्यक्तिवाचक विशेषण हैं।

  1. संबंधवाचक विशेषण: जब विशेषण शब्दों का प्रयोग करके किसी “एक वस्तु या व्यक्ति का संबंध दूसरे वस्तु या व्यक्ति” के साथ बताया जाए तो वह संबंधवाचक विशेषण कहलाता है।

जैसे: मुझे अंदरूनी चोट लगी है।
ज्वाला मुखी की भीतरी सतह बहुत ज्यादा गरम होता है।

जहां पर अंदरूनी चोट और ज्वाला मुखी के संबंध बातें की गई है इसलिए यह संबंधवाचक विशेषण है।

संख्यावाचक विशेषण के दो प्रकार हैं

  1. निश्चित संख्यावाचक
  2. अनिश्चित संख्यावाचक

निश्चित संख्यावाचक विशेषण :- निश्चित संख्या का बोध कराने वाले विशेषण को निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे- आठ लड़कियाँ, तीस रुपये।
अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण – संज्ञा या सर्वनाम की निश्चित संख्या का बोध न कराने वाले विशेषण को अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहा जाता है। जैसे- कुछ मकान, सब घोड़े।

  1. तुलनाबोधक विशेषण: जब दो वस्तुओं के गुण दोष आदि की परस्पर तुलना की जाती है, तो वे शब्द तुलनाबोधक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे: रीता सोनी से ज्यादा सुंदर है।
सभी महासागरों में प्रशांत महासागर विशालतम है।

रीता से सैनी और प्रशांत महासागर से महासागरों की तुलना की गई है इसलिए यह तुलनाबोधक विशेषण है।

  1. प्रश्नवाचक विशेषण: ऐसे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम में किसी वस्तु या व्यक्ति के जानने के लिए प्रयोग होता है, वो प्रश्च वाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे: तुम किस प्रक्ष के बारे में पूछ रहे हो।
मेरे जाने के बाद यहाँ कौन आया था।

यह विशेषण हैक्यों है क्योंकि यहां पर प्रश्न किया गया है ।

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Conclusion:

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