Hindi Grammar

Lipi kise kahate hain – लिपि किसे कहते हैं

Lipi kise kahate hain: नमस्कार, दोस्तों आपका एक बार फिर से Yourhindi.net में स्वागत है, आज इस लेख में हम मुख्य रूप से लिपि किसे कहते हैं और लिपि के कितने प्रकार होते हैं उन सभी को उदाहरणों के साथ एक-एक करके समझ गए. चलो शुरू करते हैं

लिपि किसे कहते हैं

लिपि– किसी भी भाषा को बोलने और लिखने का ढंग दूसरी भाषा से अलग होता है। प्रत्येक भाषा के लिए विशेष चिहन होते हैं, उन्हें लिपि कहते हैं।

दूसरे शब्दों में जिन ध्वनियों को हम मुंह से उच्चारण करते हैं उन्हें हम कुछ प्रतीकों द्वारा लिखकर लिखित रूप प्रकट करते हैं वे प्रतीक या चिह्न लिपि कहलाती हैं अर्थात् उच्चरित ध्वनियों का लिखित रुप को लिपि कहते है।

लिपि के प्रकार

संसार में तीन प्रकार की लिपियाँ है

  1. चित्रलिपि – चित्रलिपि का प्रयोग चीन, जापान आदि देशों में होता हैं।
  2. ब्राह्मी लिपि – दक्षिण एशिया एवं दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रयोग की जाती है।
  3. फोनेशियन लिपि – यह लिपि यूरोप, मध्य एशिया एवं उत्तरी अफ्रीका में प्रयुक्त होती है।

हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है। अंग्रेज़ी भाषा की लिपि रोमन है। उर्दू भाषा की लिपि फ़ारसी है। पंजाबी भाषा की लिपि गुरुमुखी है। यदि हम हिंदी को रोमन लिपि में लिखें तो ठीक से नहीं

कुछ भाषाओं की लिपियाँ:

लिपि

भाषा

देवनागरी लिपि

हिन्दी, संस्कृत, मराठी, नेपाली

ब्राह्मी लिपि

प्राचीन काल में संस्कृत और पालि

रोमन लिपि

अंग्रेजी

गुरुमुखी लिपि

पंजाबी

तमिल लिपि

तमिल

गुजराती लिपि

गुजराती

बंगाली लिपि

बांगला

समझ पाएँगे, उसे समझने के थोड़ा आस-पास ही पहुँच पाएँगे। जैसे — मैंने पुस्तक पढ़ी। (Maine Pustak Padhi.) किसी अन्य लिपि में लिखने के लिए हमें उस लिपि के चिह्नों की ज़रूरत पड़ेगी, अन्यथा हम भाषा ठीक से नहीं समझ पाएँगे।

भाषा और व्याकरण

भाषा पहले बनती है और उसी के आधार पर उस भाषा का व्याकरण लिखा जाता है। फिर भी भाषा के स्वरूप और प्रयोग को व्याकरण नियमित और नियंत्रित करता है। इसलिए व्याकरण भाषा का विधान करने वाला शास्त्र है।

व्याकरण के नियमों का सही ज्ञान नहीं होने से हम भाषा का शुद्ध ज्ञान नहीं प्राप्त कर सकते हैं और न ही उसका शुद्ध अर्थ और प्रयोग जान सकते हैं। अतः भाषा और उसके व्याकरण का परस्पर अनन्य संबंध है।

[FAQ] लिपि पर पूछे जाने वाले सवाल

लिपि किसी भी भाषा को लिखने का तरीका या भाषा की लिखावट को लिपि कहते हैं। यह ध्वनियों का प्रतीक रूप होता है।
हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है।
भाषा अपनी बात को कहने और भावनाओं को ध्वनि संकेतों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का एक साधन है और लिपि उसी भाषा को लिखित रूप में प्रकट करने की एक व्यवस्था है।
भाषा और लिपि में भाषा ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि लिपि भाषा पर निर्भर रहती है लेकिन भाषा लिपि पर नहीं। बिना लिपि के भी भाषा का अस्तित्व हजारों साल तक रहा है। सबसे पहले भाषा का विकास होता है फिर लिपि का है। भाषा लिपि के बिना भी अपना अस्तित्व बनाए रह सकती है पर लिपि नहीं।

निष्कर्ष:

Yourhindi.net पर आने के लिए आपका धन्यवाद आशा है कि आपको हमारा पोस्ट Lipi Kise kahate hain पसंद आया होगा। अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अपने सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें। मैं आपको सुझाव दूंगा कि कृपया Bhasha kise kahate hain पोस्ट को पढ़ना चाहिए। आपका दिन शुभ हो..!

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