Hindi Grammar

kriya ke kitne bhed hote hain

आज इस लेख में हम मुख्य रूप से सीखेंगे kriya ke kitne bhed hote hain उन सभी को एक-एक करके उदाहरणों के साथ समझेंगे

दोस्तों आज के समय में अंग्रेजी भाषा का ज्यादा इस्तेमाल होता है, लेकिन हिंदी जो हमारी मातृभाषा है उसका बहुत महत्व है। हिंदी का सही ज्ञान होना भी उतना ही जरूरी है। क्रियाएँ किसी भी भाषा की जड़ होती हैं। कोई भी वाक्य क्रिया के बिना पूर्ण नहीं होता, अर्थात वाक्य का अर्थ प्रकट नहीं होता। इसके साथ ही क्रिया भी हिन्दी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है।

क्रिया क्या है – kriya kya hai

क्रिया : जिस शब्द से किसी कार्य के होने या करने का बोध हो, उसे क्रिया कहते है।

जैसे-

  • पुलिस ने चोर को पकड़ा
  • मीरा गाती है।
  • दिपक क्रिकेट खेल रहा है ।
  • नर्स रोगी को दवा पिलाती है।
  • राम ने चित्र सिखाया है।
  • सुधीर विदेश गया

फर्ता, कर्म और क्रिया

  • फर्ता – वाक्य मे जो कार्य को करता है, उसे कर्ता कहते हैं ।
  • कर्म – जिस कार्य को किया जाता है, उसे कर्म कहा जाता है ।
  • क्रिया – वाक्य का अर्थ पूर्ण करने वाले शब्द को क्रिया कहते हैं ।
kriya ke kitne bhed hote hain

क्रिया के रूप

  1. धातु रूप
  2. सामान्य रूप

1. क्रिया का धातु रूप

परिभाषा:- क्रिया के मूल रूप को धातु कहते है |
क्रिया शब्द: पढ़ना, जाना, करना, सुनना, देखना, आना |
धातु रूप: पढ़, जा, कर, सुन, देख,आदि ..
जैसे: लिख, गा, नाच, दौड़, खा, ले, पा, रो, दे, धो आदि ..

2. क्रिया का सामान्य रूप

परिभाषा:-“क्रिया के मूल धातु को जब’ ना ‘प्रत्यय लगता है तब बनने वाले शब्द को क्रिया का’ सामान्य रूप ‘कहते है।”

कर्म के आधार पर क्रिया के भेद

  1. सकर्मक क्रिया
  2. अकर्मक क्रिया

1. सकर्मक क्रिया

परिभाषा:- जो क्रियाए कर्म की अपेक्षा रखती है, उन्हे सकर्मक क्रिया कहते है ।

जैसे-

  • पुलिस ने चोर को पकडा ।
  • अंजली ने पत्र लिखा ।
  • सिता फूल तोडती है ।
  • लडका खुशी से हँसता है ।
  • सुरेश रोटी खाता है ।

सफर्मक क्रिया के भेद

  1. एककर्मक क्रिया
  2. व्दिकर्मक क्रिया
  3. अपूर्ण क्रिया

1. एककर्मक क्रिया

परिभाषा: “जिन क्रियाओं के साथ एक कर्म आता है उन क्रियाओं को’ एककर्मक क्रिया ‘कहते है।”

उदाहरण:

1) सुरज चित्र बना रहा है। क्या बना रहा है? (चित्र)
2) वरुण पढ़ाई कर रहा है | क्या कर रहा है? (पढ़ाई)
3) आर्यन मोमबत्ती जला रहा है | क्या जला रहा है? (मोमबत्ती)
4) रुद्रप्रताप क्रिकेट खेल रहा है। क्या खेल रहा है? (क्रिकेट)

“जिन वाक्यों में कर्मों की संख्या एक रहती है उन वाक्यों की क्रिया को एककर्मक क्रिया कहते है।

2. द्विकर्मक क्रिया

परिभाषा: जिन क्रियाओं के साथ दो कर्म आते हैं, उन क्रियाओं को’ द्विकर्मक क्रिया ‘कहते है |

उदाहरण:

1) कृष्णा ने राधा के लिए मुरली बजाई |
2) माँ ने बालक को खाना खिलाया |
3) अनुष्का ने गुंजन को उपहार दिया |
4) आयुष ने रुद्र के लिए किताब लाई |
5) अभिषेक कार से दिल्ली गया |

3. अपूर्ण क्रिया

परिभाषा: वाक्य मे क्रिया और कर्म हो फिर भी सकर्मक क्रिया है या अकर्मक क्रिया इसका अर्थ स्पष्ट न हो, उसे अपूर्ण क्रिया कहते है ।

जैसे –

यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र के ।
सुनिल बन जाएँगा ।
भारत की राजधानी है ।

अपूर्ण क्रिया के भेद

  1. अपूर्ण अकर्मक क्रिया
  2. अपूर्ण सकर्मक क्रिया

अपूर्ण अकर्मक क्रिया– कुछ अकर्मक क्रियाएँ अकेले कर्ता से स्पष्ट नही होती, इनके अर्थ को पूर्ण करने के लिए संज्ञा या विशेषण पूरक के रूप मे लगाना पडता है उसे अपूर्ण अकर्मक क्रिया कहते है ।

जैसे-
सुधीर बेहोश रहा ।
कांचन बाहर गई ।
वह विदेश गया ।

अपूर्ण सकर्मक क्रिया– कुछ सकर्मक क्रियाओ का अर्थ कर्ता और कर्म के रहने पर भी स्पष्ट नही होता, इनके अर्थ को पूर्ण करने के लिए संज्ञा या विशेषण पूरक के रूप में लगाना पडता है उसे अपूर्ण सकर्मक क्रिया कहते है ।

जैसे-
शिक्षक ने उसे इन्सान बनाया है ।
गणेश ने चित्र सिखाया है ।
शामल ने खाना खिलाया है ।

2. अकर्मक क्रिया

परिभाषा: जिस वाक्य में क्रिया के साथ कर्म नहीं है, उस क्रिया को ‘अकर्मक क्रिया’ कहते है ।

उदाहरण:

1) रोहन खेलता है।
2) कलम रुक गई।
3) बच्चा खाता है |
4) यश आता है |
5) गौरव लिख रहा है।

संरचना के आधार पर क्रिया के भेद

  1. प्रेरणार्थक क्रिया
  2. संयुक्त क्रिया
  3. नामधातु क्रिया
  4. पूर्वकालिक क्रिया

1. प्रेरणार्थक क्रिया

परिभाषा: “जिस क्रिया में कर्ता दूसरे को कार्य करने की प्रेरणा देता है तथा दूसरों को कहकर अन्य व्यक्ति से कार्य करवाता है, उस क्रिया को’ प्रेरणार्थक क्रिया ‘कहते है।”

उदाहरण:- अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया

परिभाषा: जिस क्रिया में कर्ता दूसरे व्यक्ति को कार्य करने की प्रेरणा देता है, उस क्रिया को ‘प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया’ कहते है।

उदाहरण:

1) आकाश बच्चों को कहानी सुनाता है।
2) कौस्तुभ ने दर्जी से कपड़े सिलाए।
3) साईरूप बच्चे को पानी पिलाता है।
4) सतीश जयदीप को अलबम दिखाता है।
5) राघव रवि से पत्र लिखाता है।

दवितीय प्रेरणार्थक क्रिया

परिभाषा: जिस क्रिया में कर्ता दूसरे व्यक्ति से कहकर किसी अन्य व्यक्ति के लिए अथवा अन्य व्यक्ति से कार्य करवाता है वहाँ ‘द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया’ बन जाती है।

द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया मूल धातु में ‘वा’ प्रत्यय लगाकर बनाई जाती है |

उदाहरण:

1) सुरेश माँ के हाथों से बालक को पानी पिलवाता है |
2) आकाश कौस्तुभ से कहकर राम से बच्चों को कहानी सुनवाता है।
3) साईप ने आयुष से कहकर दर्जी से कपड़े सिलवाए |
4) राघव सतीश से कहकर जयदीप से पत्र लिखवाता है |
5) सिद्धांत ने रुद्र को कहकर प्रथमेश को अलबम दिखवाया |

2. संयुक्त क्रिया

परिभाषा: जब वाक्य में दो या दो से अधिक क्रियाओं का एक साथ प्रयोग किया जाता हैं, उस क्रिया स्थिति को ‘संयुक्त क्रिया’ कहते है |”

उदाहरण:

1) राम किताब पढ़ने लगा है।
2) सुरेश कुछ बोलना चाहता है।
3) बच्चों को खेलने दो।
4) राम पत्र लिख रहा है।
5) उसने सारा काम एक दिन में ही कर डाला।

3. नामधातु क्रिया

परिभाषा: जो क्रिया संज्ञा, सर्वनाम तथा विशेषण से बनाई जाती हैं, उसे ‘नामधातु क्रिया’ कहते है।

संज्ञा / सर्वनाम / विशेषणनामधातु क्रियासामान्य रूप
लालचललचाललचाना
साठसठियासठियाना
हाथहथियाहथियाना
झूठझुठलाझुठलाना
अपनाअपनाअपनाना
सूखासुखसुखाना

( ‘ना’ प्रत्यय जोड़कर नामधातु क्रियाओं का सामान्य रूप बनता है। )

4. पूर्वकालिक क्रिया

परिभाषा: जो क्रिया वाक्य में मुख्य क्रिया से पहले पूरी होती है, उसे ‘पूर्वकालिक क्रिया’ कहते है।

उदाहरण:

1) वेदिका सुबह उठकर सैर करने जाती है।
2) आकांक्षा ने मिठाई खाकर पानी पिया |
3) श्रेया कहानी पढ़कर सो गई |
4) अनुष्का पढ़ाई करके कक्षा में प्रथम दस में आयी |
5) श्रद्धा भोजन करके घूमने चली गई |

[FAQ] क्रिया पर पूछे जाने वाले सवाल

क्रिया के दो भेद होते हैं ।

  • सकर्मक किया
  • अकर्मक क्रिया

सकर्मक क्रिया के तीन भेद होते हैं ।

  • एककर्मक क्रिया
  • व्दिकर्मक क्रिया
  • अपूर्ण क्रिया
जो क्रियाए कर्म की अपेक्षा रखती है, उन्हे सकर्मक क्रिया कहते है ।

काम के आधार पर किया के भेद जिस काल में किया सम्पन्न होती है, उसके अनुसार किमा के तीन भेदोते।

  1. भूतकालिक किया- क्रिमा कावह रूप जिसके द्वारा बीते हुए समय में कार्य के संपन्न होने का बोध हो उसे भूतकालिक क्रिया कहते है।
  2. वर्तमानकामिक क्रिमा- क्रिमा कावह रूप जिससे वर्तमान समय में कार्भ के सम्पन्न बोध होता है, उसे वर्तमानमालिक क्रिया कहते हैं ।
  3. भविष्यकालक, क्रिया का वह जिसके द्वारा आगे आने वाले समय में कार्य के सम्पन्न होने का बोध हो, उसे भविष्यकालिक क्रिया कहते हैं।

Conclusion:

Yourhindi.net पर आने के लिए आपका धन्यवाद आशा है कि आपको हमारा पोस्ट kriya ke kitne bhed hote hain पसंद आया होगा। अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अपने सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें। मैं आपको सुझाव दूंगा कि कृपया visheshan ke kitne bhed hote hain पोस्ट को पढ़ना चाहिए। आपका दिन शुभ हो..!

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