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Karak ke kitne bhed hote hain – कारक के कितने भेद होते हैं

Karak ke kitne bhed hote hain: नमस्कार, दोस्तों आपका एक बार फिर से Yourhindi.net में स्वागत है, आज इस लेख में हम मुख्य रूप से कारक किसे कहते हैं और कारक के कितने भेद होते हैं उन सभी को उदाहरणों के साथ एक-एक करके समझ गए. चलो शुरू करते हैं

कारक किसे कहते हैं

कारक:-संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका संबंध सूचित हो, उसे ‘कारक’ कहते है। अथवा संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उनका क्रिया से संबंद्ध सूचित हो उसे ‘कारक’ कहते है।

हिंदी में कारक 8 होते हैं और कारकों के बोध के लिए संज्ञा या सर्वनाम के आगे जो प्रत्यय चिन्ह लगाए जाते है, उन्हें व्याकरण में ‘विभक्तियाँ’ कहते है। कुछ लोग इन्हें हैं परसर्ग भी करते हैं। विभक्ति से बने शब्द रूप को ‘पद’ कहते हैं।

कारक के भेद

कारक के आठ भेद होते हैं।

कारक

चिन्ह

कर्ता

ने

कर्म

को

करण

से, के द्वारा

संप्रदान

के लिए, को

अपादान

से

संबंध

का, की, के, रा, री, रे, ना, नी, ने

अधिकरण

में, पर

संबोधन

हे, अरे, अजी, अहो

कर्ता- वाक्य में जो शब्द काम करने वाले के अर्थ में आता है उसे “कर्ता” कहते हैं?
केवल अपूर्णभूत को छोड़कर शेष पाँच भूतकालों में ‘ने’ का प्रयोग होता है ।

  • मोहन खाता है।
  • राम ने रोटी खाई।
  • राम ने रोटी खाई है।
  • राम ने रोटी खाई थी।
  • राम ने रोटी खाई होगी।

वर्तमान और भविष्यत कालो की क्रियाओं में ‘ने’ चिन्ह का प्रयोग नहीं होता है।
राम जाता है।
राम खाएगा।

कर्म – वाक्य में क्रिया का फल शब्द पर पड़ता है, उसे कर्म करते हैं। इसकी विभक्ति ‘को’ है।

  • मैंने हरि को बुलाया।
  • माँ ने बच्चे को सुलाया।
  • राम ने रावण को मारा।
  • कभी-कभी यह अपने परसर्ग के बिना भी आता है।

जैसे:- सीता फल खाती है।
राम रोटी खाता है ।

करण- जिससे काम हो या जिसके द्वारा काम हो उसे ‘करण कारक‘ का कहते है।
हिन्दी मे करण कारक के अन्य चिन्ह हैं-से, द्वारा, के द्वारा के जरिए, के साथ, के बिना इत्यादि।
जैसे-

  • वह कलम से लिखता है।
  • वह कुल्हाड़ी से वृक्ष काटता है।
  • मुझे अपनी कमाई से खाना मिलता है।
  • वह भूख से बेचैन है।

सम्प्रदान – जिसके लिए कुछ किया जाए या जिसको कुछ दिया जाए, इसका बोध करानेवाले शब्द के रूप को ‘संप्रदान कारक‘ कहते हैं। इसकी विभक्ति ‘को‘ और ‘के लिए‘ है।
जैसे:
शिष्य ने अपने गुरु के लिए सब कुछ किया।
गरीब को धन दीजिए।
के हित‘, ‘के वास्ते‘, ‘के निमित्त’ आदि प्रत्ययवाले अव्यय भी सम्प्रदान कारक के प्रत्यय है।
जैसे –

  • राम के हित में लक्ष्मण वन गए थे।
  • तुलसी के वास्ते जैसे राम ने अवतार लिया।
  • मेरे निमित्त ही ईश्वर की कृपा है।

अपादान – संज्ञा के जिस रूप से किसी वस्तु के अलगाव या जुदाई का बोध हो उसे ‘ अपादान कारक ‘कहते हैं। इसकी विभक्ति से’ है।
जैसे-

  • हिमालय से गंगा निकलती हैं।
  • वह घर से बाहर आया।
  • बिल्ली छत से कूद पड़ी।
  • पेड़ से पत्ते गिरते हैं।
  • चूहा बिल से बाहर निकला।

संबंध – संज्ञा या सर्वनाम के जिस रुप से किसी अन्य शब्द के साथ संबंध या लगाव हो उसे ‘संबंध कारक’ कहते हैं।
इसका विभक्ति चिन्ह का, की और के हैं।
जैसे-
राम का घर, श्याम की किताब, गणेश के बेटे आदि सर्वनाम की स्थिति में संबंध कारक का प्रत्यय रा, री, रे और ना, नी, ने हो जाता है।
जैसे-
मेरा लड़का, मेरी लड़की, मेरे लड़के, अपना बेटा, अपनी बेटी, अपने बच्चे

अधिकरण – जिससे क्रिया का आधार जाना जाए उसे ‘अधिकारण कारक‘ कहते हैं। इसकी विभक्ति ‘में‘ और ‘पर‘ है।
जैसे-
लड़की घोड़े पर बैठी है।
वह अपने घर में बैठा है।

संबोधन – जिससे किसी को पुकारा या संबोधित किया जाए उसे ‘सम्बोधन कारक’ कहते हैं। इसकी विभक्ति हे, अरे, अजी, अहो है।
जैसे-
अरे भाई! जल्दी आओ!
हे राम! दया करो!

[FAQ] कारक पर पूछे जाने वाले सवाल

कारक के आठ भेद होते हैं

  1. कर्ता - ने
  2. कर्म - को
  3. करण - से, के द्वारा
  4. संप्रदान - के लिए, को
  5. अपादान - से
  6. संबंध - का, की, के, रा, री, रे, ना, नी, ने
  7. अधिकरण - में, पर
  8. संबोधन - हे, अरे, अजी, अहो
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका संबंध सूचित हो, उसे 'कारक' कहते है।

कर्ता कर्मच करणंसम्प्रदानं तथैव च। अपादानाधिकरणम् इत्याहुः कारकाणिषट् ॥ इति।

  1. कर्तृकारकम्
  2. कर्मकारकम्
  3. करणकारकम्
  4. सम्प्रदानकारकम्
  5. अपादानकारकम्
  6. अधिकरणकारकम्

निष्कर्ष:

Yourhindi.net पर आने के लिए आपका धन्यवाद आशा है कि आपको हमारा पोस्ट Karak ke kitne bhed hote hain पसंद आया होगा। अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अपने सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें। मैं आपको सुझाव दूंगा कि कृपया Vakya ke kitne bhed hote hain पोस्ट को पढ़ना चाहिए। आपका दिन शुभ हो..!

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