Shayari

Best 30+ Gulzar Shayari in Hindi

हेलो दोस्तों आज हमने आपके लिए Gulzar Shayari in Hindi यानी गुलजार जी की शायरी लिखे हैं जीने आप हमारी साइट पर आकर पढ़ सकते हैं

स्वागत है आप सभी का हमारी वेबसाइट साइट shayarireaders.in में और आज इसके अन्दर हम आपको बताने वाले हैं सबसे बढ़िया Gulzar ji ki Shayari जो कि बहुत ही ज़्यादा मज़ेदार होगे क्योकि इनकी लेंथ बहुत ज़्यादा बड़ी होने वाली आप सभी का दिल से दोबारा स्वागत करते हैं।

Gulzar Life Bio in Hindi गुलजार जी की जिंदगी

गुलज़ार का जन्म खत्री सिख परिवार में सम्पूर्णन सिंह कालरा, माखन सिंह कालरा और सुजन कौर के रूप में, दीना, झेलम जिला, ब्रिटिश भारत (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था।

स्कूल में, उन्होंने टैगोर की रचनाओं के अनुवाद पढ़े थे जिन्हें उन्होंने अपने जीवन के कई मोड़ में से एक के रूप में देखा। विभाजन के कारण, उनका परिवार अलग हो गया और उन्हें अपनी पढ़ाई को रोकना पड़ा और अपने परिवार का समर्थन करने के लिए मुंबई (तब बॉम्बे कहा जाने लगा) में आ गए।

सम्पूर्णान ने मुंबई में रहने के लिए कई छोटी-छोटी नौकरियां लीं, जिनमें एक बेलसैस रोड (मुंबई) के विचारे मोटर्स में एक गैरेज में शामिल है।

वहां उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त कारों को पेंट के रंगों को मिलाकर, अपने शब्दों में “मुझे रंगों के लिए एक आदत थी” को छूना था। उनके पिता ने शुरू में एक लेखक होने के लिए उन्हें फटकार लगाई।

उन्होंने कलम का नाम गुलज़ार दीनवी और बाद में बस गुलज़ार रख लिया। राज्यसभा टीवी के साथ एक साक्षात्कार में, वह एक चित्रकार के रूप में अपने काम का आनंद ले रहे थे क्योंकि इससे उन्हें एक साथ पढ़ने, लिखने, कॉलेज में भाग लेने और पीडब्ल्यूए (प्रोग्रेसिव राइटर्स एसोसिएशन) के साथ जुड़ने की अनुमति मिली।

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Gulzar Shayari in Hindi

ठंडी हवा क्या चली
मेरे शहर में…
हर तरफ यादों का
दिसंबर बिखर गया.

हम तो समझे थे कि
हम भूल गए हैं उनको
क्या हुआ आज ये
किस बात पे रोना आया.

असली सैंटाक्लोज
तो पिता होता है…
जो बच्चों को एक दिन नहीं
जीवन भर खुशियां देता है.

खैरियत नहीं पूछते मेरी
मगर खबर रखते है,
मैंने सुना है कि वो मुझ
पर ही नजर रखते है.

हवा गुज़र गयी पत्ते थे
कुछ हिले भी नहीं,
वो मेरे शहर में आये भी
और मिले भी नहीं.

दर्द भी वही देते है
जिन्हें हक दिया जाता हो,
वर्ना गैर तो धक्का लगने पर
भी माफी मांग लिया करते है.

एक नजर देख के
सौ नुक्स निकाले मुझमें,
फिर भी मैं खुश हूँ
कि मुझे गौर से देखा तूने.

दाद देते है तुम्हारे नजरअंदाज
करने के
हुनर
को
जिसने भी सिखाया वो
उस्ताद कमाल का होगा.

जहाँ कदर ना हो
वहाँ जाना फ़िजूल है,
चाहे किसी का घर हो
या किसी का दिल.

तुम मेरी हो जाओ
ऐसी जिद नहीं करूंगा,
मैं तुम्हारा हो चुका हूं
ये हक से कहूँगा.

लोग नये साल में
बहुत कुछ नया मांगेंगे,
पर मुझे वही तुम्हारा
पुराना साथ चाहिए.

नींद उड़ाकर मेरी
कहते है वो कि सो जाओ
कल बात करेंगे,
अब वो ही हमें समझाए कि
कल तक हम क्या करेंगे.

पहले दिन गुजर जाते थे
बात खत्म नहीं होती थी,
अब दिन खत्म हो जाते है
बात शुरू ही नहीं होती…!!

चंद फैसला जरूर रखिए
हर रिश्ते के दरमियान
क्योंकि नहीं भूलती दो चीजें
चाहे जितना भुलाओ
एक “घाव” और दूसरा “लगाव”।

सर्द रातों की तन्हाई में…
दिल अपना कुछ यूँ बहलाते हैं,
कुछ उनका लिखा दोहराते है
कुछ अपना लिखा मिटाते है…!!

जरूरी नहीं हर रिश्ते को
मोहब्बत का नाम दिया जाए
कुछ रिश्तों के जज़्बात
मोहब्बत से भी बढ़कर होते है.

फर्क है…
दोस्ती और मोहब्बत में
बरसों बाद मिलने पर
मोहब्बत नजरें चुरा लेती है
और दोस्ती गले लगा लेती हैं.

एक ही चेहरे की अहमियत
हर एक नजर में
अलग सी क्यूँ है,
उसी चेहरे पे कोई खफ़ा
तो कोई फ़िदा सा क्यूँ है…!!

मोहब्बत के बाजार में
हुस्न वालों की
जरूरत नहीं होती,
जिस पे दिल आ जाए
वही खास होता है।

तू
मेरे साथ होगी तो
क्या कहेगा ये जमाना,
मेरी यही एक तमन्ना
और तेरा यही बहाना…!!

पुरानी होकर भी
खास होती जा रही है…
मोहब्बत बेशर्म है जनाब,
बेहिसाब होती जा रही है…!!

कोशिश इतनी मत करो कि प्यार,
प्यार नहीं व्यापार लगे…!!

तू जरा सी
कम खूबसूरत होती,
तो भी बहुत खूबसूरत होती…!!

इस तरह अपनी आँखों में
कैद किया है तुम्हें…
कोई और नजर भर देखे भी
तो अच्छा नहीं लगता…!!

रब से कभी भी
खूबसूरती मत मांगो…
मांगो तो किस्मत माँगना,
मैंने खूबसूरत लोगों को
किस्मत के लिए रोते देखा है…!!

बदले हैं मिज़ाज उनके
कुछ दिनों से…
वो बात तो करते है मगर,
बातें नहीं करते…!!

हमने तो एक ही शख़्स
पर चाहत खत्म कर दी…
अब मोहब्बत किसे कहते है,
हमें मालूम नहीं…!!

तुम जानते हो मेरे
दिल की बात…
खैर छोड़ो,
जानते तो मेरे होते…!!

शिकायतों की पाई-पाई
जोड़कर रखी थी मैंने,
उसने गले लगाकर सारा
हिसाब बिगाड़ दिया…!!


Gulzar Shayari On Life In Hindi

मेरे दिल में एक धङकन तेरी हैं,
उस धङकन की कसम त ज़िन्दगी मेरी है।
मेरी तो हर सांस में एक सांस तेरी हैं
जो कभी सांस जो रुक जाए तो मौत मेरी हैं

जिंदगी समझ नहीं आई तो मेले में अकेला..
और समझ आ गयी तो अकेले में भी मेला..!!

कापते हाथों को झटकनाही….
कसकर थाम लेना
क्योंकि कुछ रोगों का इलाज दवाओं से नहीं…
दुआओं से होता हैं….!

जिंदगी उस मुकाम पर आकर ठहरी है
अगर मैं हसना भी चाहु तो भी रोना आता है !

मेरे दिल में एक धङकन तेरी हैं,
उस धङकन की कसम त ज़िन्दगी मेरी है।
मेरी तो हर सांस में एक सांस तेरी हैं
जो कभी सांस जो रुक जाए तो मौत मेरी हैं।

जिनके कद ऊंचे और बातें बड़ी होती है..!
ज़रा गौर से पढ़ना उन्हे,उनकी सोच बहुत छोटी होती है..!!

काटकर दूसरों
की टांगे खुद लगा लेते हैं लोग..
इस शहर में कुछ इस कदर भी कद बढ़ा लेते हैं लोग..!!

इस दिल का कहा मानो एक काम कर दो
एक बे-नाम सी मोहब्बत मेरे नाम करदो
मेरी ज़ात पर फ़क़त इतना अहसान कर दो
किसी दिन सुबह को मिलो और शाम कर दो॥

तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान
दिल तड़पता रहा, हम मिटाते रहे।

कुछ यूँ हो रहा है, रिश्तों का विस्तार..
जितना जिस से मतलब,उतना उससे व्यवहार..!!

इस दिल का कहा मानो एक काम कर दो
एक बे-नाम सी मोहब्बत मेरे नाम करदो
मेरी ज़ात पर फ़क़त इतना अहसान कर दो

Gulzar Shayari On Dosti

छोटे से दिल में गम बहुत है,
जिंदगी में मिले जख्म बहुत है,
मार ही डालती यह दुनिया कब की हमें,
कमबख्त दोस्तों की दुआओं में दम बहुत है।

यादों के भवर में एक पल हमारा हो
खिलते चमन में एक गुल हमारा हो

जब याद करें आप अपने दोस्त को
उन नामों में बस एक नाम हमारा हों

दोस्ती कभी स्पेशल लोगों से नहीं होती,
जिन से दोस्ती होती है
वह लोग स्पेशल हो जाते हैं।

दिन बीत जाते हैं सुहानी यादें बनकर,
बातें रह जाती है कहानी बनकर,
पर दोस्त तो हमेशा दिल के करीब रहते हैं,
कभी मुस्कान तो कभी आंखो का पानी बनकर।

तकदीर लिखने वाले एक एहसान कर दे,
मेरे दोस्त की तक़दीर में मुस्कान लिख दे,
ना मिले कभी दर्द उनको
तू चाहे तो उसकी किस्मत में मेरी जान लिख दे।

दोस्ती नाम है सुख-दुख की कहानी का,
दोस्ती राज है सदा ही मुस्कुराने का,
ये कोई पल भर की जान पहचान नहीं है,
दोस्ती वादा है उम्र भर साथ निभानेका।

दोस्ती तो जिन्दगी का एक खूबसूरत लम्हा है,
ये सभी रिश्तों से अलबेल है,
जिसे मिल जाये वो तन्हाई मे भी खुश है,
जिसे न मिले वो भीड़ मे भी अकेला है।

दोस्ती कोई खोज नहीं होती,
दोस्ती किसी से हर रोज नहीं होती,
अपनी जिंदगी में हमारी मौजूदगी को बेवजह मत समझना,
क्योंकि पलके आंखों पर कभी बोझ नहीं होती।

लोग कहते हैं कि इतनी दोस्ती मत करो,
कि दोस्ती दिल पर सवार हो जाए,
हम कहते हैं कि दोस्ती इतनी करो
की दुश्मन को भी तुमसे प्यार हो जाए।

अपनी दोस्ती का बस इतना सा उसूल है,
जब तू कुबूल है तो तेरा सबकुछ कुबूल है।

मिलते नहीं हैं सबकों अच्छे दोस्त यहाँ
आप जो मिले हो हमें खुद पर नाज़ हैं

बदलता नहीं कभी सोना अपना रंग
जितनी बार चाहें आग लगा के देख लो

दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं,
लेकिन दोस्ती के मामले में सच्चे हैं,
हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है,
कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं।

तू कितनी भी खूबसूरत क्यू न हो ये जिन्दगी,
खुश मिज़ाज़ दोस्तों के बगैर अच्छी ही नही लगती।

बे वजह है तभी तो दोस्ती है,
वजह होती तो सजिस होती।

सच्ची हैं मेरी दोस्ती आजमा के देख लो
करके यकीं मुझ पर मेरे पास आ के देख लो

फूलों की वादीयों में हो बसेरा तेरा,
सितारों की आँगन में हो घर तेरा,
दुआ है एक दोस्त की एक दोस्त को,
की तुझसे भी खूबसूरत हो मुक़द्दर तेरा।

Gulzar Shayari Love In Hindi

हम दोनों एक ही किताब में रहेंगे पर।
हम दोनों के बीच कई पन्नों का फासला होगा ।।

कोई इश्क करें और
उसे दर्द ना हो
कमाल करते हो जनाब,
दिसंबर की रात और
सर्द ना हो…!!

मोहब्बत का ये अंदाजा यूं ही उम्र भर बना रहे,
क्या सुबह क्या शाम तू यूं ही उम्र भर चाँद बना रहे ।

कमाल की तकदीर
पाई होगी उस शख़्स ने…
जिसने मोहब्बत भी ना की होगी
और तुम्हें पा भी लिया होगा.

तू साथ ना सही
पर हमेशा रहोगी…
एक वजह है
तुझे बेवजह चाहने की.

घड़ी की सुइयाँ जैसा रिश्ता हैं, हमारा
कभी मिलते हैं… कभी नहीं…
पर हाँ, जुड़े रहते हैं |

लोग पूछते है हमसे कि तुम कुछ बदल गए हो|
बताओ टूटे हुए पत्ते अब रंग भी न बदले क्या||

तेरे मुस्कुराने का असर सेहत पे होता हैं,
लोग पुछ लेते है…
दवा का नाम क्या हैं….

मत कर हिसाब किसी के प्यार का,
कहीं बाद में तू ख़ुद ही कर्ज़दार न निकले….

मैंने कहा बहुत प्यार आता हैं तुम पर,
वो मुस्कुरा कर बोले और तुम्हें आता ही क्या हैं।

Gulzar Shayari In Hindi 2 Lines

नज़रों काखेल ही तो था सरकार
तुम चुरा न सकी और हम हढा न सके

ना जाने किस हुनर को शायरी कहते हो तुम
हम तो वो लिखते हैं जो तुमसे कह नहीं पाते

भुला देंगे तुमको भी ज़रा सब्र तो करो
रग रग में बसे हो थोड़ा वक़्त तो लगेगा

इक दूर से आती है पास आके पलढती है
इकराह अकेली सी रुकती है न चलती है

तोड कर जोड़ लो चाहें हर चीज़ दुनिया की
सब कुछ काबिल-ए-मरम्मत है ऐतबार के सिबा

आने वाले जाने वाले हर जमाने के लिए
आदमी मजदूर है राहें बनाने के लिए

ना जाने कब खर्च हो गए, पता ही नहीं चला
वो लम्हे जो बचा कर रखे थे जीने के लिए

डर लगता है कि कहीं खो न दूं तुम्हे
सच ये भी है कि कभी पाया ही नहीं तुम्हें

सोचा था लिखूगा तेरे और मेरे वफा के किस्से
पर यारतने तो स्याही में ही बेवफाई घोल दी

बेपनाहचाहने से लेकर
बेपरवाह हो जाने तक का सफर इश्क़ होता है

हो नसीब में तुम पता नहीं मुझे
बस एक उम्मीद पे जीता हूं

कभी बेपनाह बरस पड़ी, कभी गुम सी है
यह बारिश भी कुछ कुछ तुम सी है

मैंने खामोशी को लफ्ज़ दिए
तुमने लफ्ज़ों को ही खामोश कर दिया

बेरोजगार सी हो गई है ज़िन्दगी अपनी
मोहब्बत की नौकरी पर रखलो मुझे

जिस जुल्म की सजा सिर्फ तुम हो
मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है…

Gulzar Quotes In Hindi

जब कोई रिश्ता टूट जाता है ना
तो घाव उतना ही गहरा होता है जितना कि रिश्ता

मैं थक गया था परवाह करते-करते
जब से बेपरवाह हुआ, आराम सा है

मुझे फुर्सत कहां कि मैं मौसम सुहाना देखू
तेरी यादों से निकलूं तब तो ज़माना देखू

क्या जरूरत थी दूर जाने की
पास रहकर भी तो तड़पा सकते थे

सहने वाला ही जानता है कि वो कितने दर्द में है
वरना दुनिया को तो बस झूठी हंसी ही दिखती है

खुशियाँ तक़दीर में होनी चाहिए
तस्वीर में तो हर कोई मुस्कुराता है

रुलाया ना कर हर बात पे ए जिंदगी
जरूरी नहीं कि हर किसी की जिंदगी में
चुप कराने वाले हों

जब जिंदगी कभी हद से ज्यादा रुलाने लगे
तो समझ जाना कि जिंदगी बहुत कुछ सिखाने वाली है

वहाँ नाराज़गी का कोई मतलब नहीं
जहाँ खुद बताना पड़े कि मैं नाराज हूँ

लोग जब अनपढ़ थे तो परिवार एक हुआ करते थे
मैंने टूटे हुए परिवारों में अक्सर पढ़े लिखे लोग ही देखें है

Gulzar Shayari In English

It is difficult that every goal be easily complete
For a man, too, to be human, is no easy feat

In love, there is no difference between living and dying
One lives by watching the beloved on whom life is lost

Don’t go by the lines on the palm of hand Ghalib
Luck is bestowed even on those who don’t have hands.

Thousands of desires, each worth dying for
many of them I have realized, yet I yearn for more.

“Eons past “Ghalib” had died but still he lingers in memory
The way he responded to each small thing; If this were so then what would
have been

God existed when nothing else did, God would have existed if nothing were
there
Ihave been undone by my being, nothing would have been lost if I were not
here.

A lifetime passes before a sigh shows its effects.
Who would wait so long to see your curls fixed up?

You have no idea about love, I don’t know anything except love
There are two ways to live the Ilife, you have no idea about one and i
don’t have any idea about another.

The world contains many a poet, meriting high praise
But unrivalled is Ghalib’s verse, distinctive is his style and grace..

“When there was nothing there was God, when there would be nothing
therein will be God
My existence made me drown beneath, if I didn’t exist then what would have
happened?”

Conclusion:

Thank you for visiting yourhindi.net hope you liked our post Gulzar Shayari in Hindi. If you liked this post of ours, then do share it with your friends on your social media. I would suggest you read Mirza Ghalib Shayari in Hindi post. Have a good day..!

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